धनु (Gemini)

18 May, 2024 horoscopes

धनु राशि से संबन्धित जानकारियाँ

धनु राशि का स्वामी ग्रह,दिशा ( कार्य करने की ) राशि का तत्व, धनु राशि का स्वभाव, धनु राशि के नक्षत्र

इस राशि के लोग विद्वान, मेधावी, तार्किक, असहिष्णु, उष्ण स्वभाव के, क्रोधी, साहसी, विचारशील, रूढ़िवादी, धर्मभीरू, श्रद्धालु, संयमी, शुद्ध, व्यवहारकुशल, परोपकारी, ईमानदार, सरल, प्रदर्शन से नफरत करने वाले, कवि, लेखक दार्शनिक संत, तपस्वी, बुद्धिमान, तेजस्वी, बलवान, धनी, साहसी, भाग्यशाली, विनीत, निष्कपट, दयालु, पवित्र, श्रेष्ठ, व्याख्यानदाता, अनेक प्रकार के व्यवसाय करने वाले, कामी, स्त्री लोलुप, अल्प संततिवान तथा कुल का नाश करने वाले होते हैं। ये बचपन से ही धनी, भाग्यवान राज्य द्वारा सम्मान पाने वाले ऐश्वर्यशाली तथा लोकप्रिय होते हैं। इनके तीन विवाह होने की संभावना रहती है। ये अग्नि तत्वप्रधान अथवा जीवों के द्वारा अपनी जीविका चलाने वाले होते हैं। इन्हें बल प्रयोग के द्वारा वश में करना संभव नहीं होता।

धनु राशि से संबन्धित तथ्य

  • धनु राशि का स्वामी ग्रह

    धनु राशि का स्वामीग्रह “गुरु”ग्रह होता है

    दिशा (कार्य करने की)

    पूर्व दिशा दिशा है

    प्रत्येक राशि किसी ना किसी तत्व से सबंधित होती है

    धनु राशि : अग्नि तत्व की राशि है

    स्वभाव :-

    धनु राशि का स्वभाव द्विस्वाभाव है वह अपने से जातक को प्रभावित करती है |

    नक्षत्र :-
    नक्षत्रो का जातक पर प्रभाव :-

    1 मूल नक्षत्र :- स्वामी चंद्र विचारशील, संवेदनशील, आध्यात्मिकता, अध्ययन, त्याग की प्रवृत्ति वाले होते हैं.

    2 पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र :- स्वामी शुक्र निडर, आक्रामक और टकराने वाले होते हैं। ये भगवान से डरने वाले, विनम्र, ईमानदार और द्वेष और पाखंड से कोसों दूर होते हैं

    3 उत्तराषाढ़ा नक्षत्र:- स्वामी सूर्य, खुशमिजाज,काफ़ी लोकप्रिय होते हैं. होशियार , ईमानदार और मेहनती ,गलत कामों से दूर रहते हैं ,शिष्टाचारी और सहनशील

    अतः धनु राशि मे जन्मे जातक पर तीन ग्रहो और तीनों नक्षत्रो का जातक की कुण्डली के अनुसार ,महादशा ,अंर्तदशा , प्रव्यंतरदश, योगिनीदशा का प्रभाव पड़ता है|
    मूल नक्षत्र का प्रभाव :-

    ये लोग शांतिप्रिय और मधुर स्वभाव के होते हैं. ये लोग किसी भी मुश्किल स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं. ये लोग अपने परिवार के प्रति समर्पित होते हैं और दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं. ये लोग अपने लक्ष्य को लेकर केंद्रित रहते हैं और जब तक उन्हें लक्ष्य नहीं मिल जाता तब तक राहत की सांस नहीं लेते. ये लोग ईमानदार और जिद्दी होते हैं. ये लोग पढ़ाई-लिखाई में अव्वल होते हैं और खोजी बुद्धि के होते हैं. ये लोग भावुक प्रवृत्ति के होने के कारण दयालु और सभी का भला करने वाले भी होते हैं. ये लोग अपने विचारों पर दृढ़ होते हैं और इनमें निर्णय लेने की क्षमता भी अच्छी होती है. ये लोग कुशल और निपुण व्यक्ति होने के साथ-साथ उत्कृष्ट वक्ता भी होते हैं. ये लोग प्रगतिशील सोच के होते हैं और नियमों और सिद्धांतों का पालन करते हैं. ये लोग धन से ज़्यादा सम्मान को महत्व देते हैं. इनका वैवाहिक जीवन सुखमय होता है.

    पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव :-

    पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के लोग निडर, आक्रामक और टकराने वाले होते हैं। ये भगवान से डरने वाले, विनम्र, ईमानदार और द्वेष और पाखंड से कोसों दूर होते हैं। इनकी धर्म-कर्म में रुचि होती हैं

    उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव :-

    धनवान ,अनैतिक कार्यों के द्वारा धन इक्कठा करने वाला, अविश्वासी, उन्नतिगामी,सट्टा जुआँप्रेमी ,व्यापारी ,अधिकारी ,कार्यों में नीपूर्ण ,विचारशील,प्रतीभाशाली ,धार्मिक उत्सवों में झूठा आडंबर तथा शान-शौकत दिखाने वाला |

    धनु राशि के फल

    इस राशि के जातक गौरवपूर्ण, मध्यम कदवाले मोटे शरीर, मोटे होंठ तथा मोटी नाकवाले, बड़े दांतों वाले, बड़े कान, बड़ी ग्रोवा तथा बड़े मुखवाले तथा शरीर के किसी भी अंग में तिल आदि के चिह्न वाले होते हैं। इनके बाल भूरे तथा आंखें गोल-गोल होती इस राशि के लोग विद्वान, मेधावी, तार्किक, असहिष्णु, उष्ण स्वभाव के, क्रोधी, साहसी, विचारशील, रूढ़िवादी, धर्मभीरू, श्रद्धालु, संयमी, शुद्ध, व्यवहारकुशल, परोपकारी, ईमानदार, सरल, प्रदर्शन से नफरत करने वाले, कवि, लेखक दार्शनिक संत, तपस्वी, बुद्धिमान, तेजस्वी, बलवान, धनी, साहसी, भाग्यशाली, विनीत, निष्कपट, दयालु, पवित्र, श्रेष्ठ, व्याख्यानदाता, अनेक प्रकार के व्यवसाय करने वाले, कामी, स्त्री लोलुप, अल्प संततिवान तथा कुल का नाश करने वाले होते हैं। ये बचपन से ही धनी, भाग्यवान राज्य द्वारा सम्मान पाने वाले ऐश्वर्यशाली तथा लोकप्रिय होते हैं। इनके तीन विवाह होने की संभावना रहती है। ये अग्नि तत्वप्रधान अथवा जीवों के द्वारा अपनी जीविका चलाने वाले होते हैं। इन्हें बल प्रयोग के द्वारा वश में करना संभव नहीं होता। इनको जीवन के पहले वर्ष में शरीर-पीड़ा, आठवें, तेरहवें, अट्ठाईसवें तथा अड़तालीसवें वर्ष में भीषण कष्ट भोगना पड़ता है। इनका शुभ दिन रविवार, सोमवार, मंगलवार तथा गुरुवार होता है, जबकि अन्य दिन सामान्य रहते हैं। इनका मैत्री, विवाह तथा व्यावसायिक सम्बन्ध मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक धनु तथा मीन राशिवालों से करना सुखप्रद होता है।

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